Beti Bachao Beti Padhao – बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना पूरी जानकारी ।

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Beti Bachao Beti Padhao

जनगणना (2011) के आंकड़ों ने बाल लिंग अनुपात 1 (सीएसआर) में 0-6 साल के बीच 918 के सर्वकालिक निचले स्तर के साथ एक महत्वपूर्ण गिरावट की प्रवृत्ति दिखाई। सीएसआर में गिरावट का मुद्दा महिला अशक्तता का एक प्रमुख संकेतक है क्योंकि यह दोनों को दर्शाता है , जन्म पूर्व भेदभाव लिंग पक्षपाती लिंग चयन के माध्यम से प्रकट होता है, और लड़कियों के खिलाफ जन्म के बाद भेदभाव (उनके स्वास्थ्य, पोषण, शैक्षिक आवश्यकताओं के रूप में)। बाल लिंग अनुपात इतना प्रतिकूल होने के पीछे प्रमुख कारक जन्म के समय कम लिंगानुपात (SRB) है। सामाजिक निर्माण में भेदभाव करने वाली लड़कियां एक ओर, आसान उपलब्धता, सामर्थ्य और दूसरी ओर नैदानिक ​​उपकरणों का दुरुपयोग, सीएसआर को कम करने में महत्वपूर्ण रहे हैं। मजबूत सामाजिक-सांस्कृतिक और धार्मिक पूर्वाग्रह, बेटों को वरीयता और बेटियों के प्रति भेदभाव ने समस्या को और बढ़ा दिया है।

चूंकि बालिकाओं के अस्तित्व, संरक्षण और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए समन्वित और अभिसरण प्रयासों की आवश्यकता है, इसलिए सरकार ने 22 जनवरी, 2015 को हरियाणा के पानीपत में बेटी बचाओ बेटी पढाओ (Beti Bachao Beti Padhao) (बीबीबीपी) की शुरुआत की। यह महिला और बाल विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और मानव संसाधन विकास मंत्रालयों का एक त्रि-मंत्रालयी प्रयास है।

बेटियों का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जाती हैं। इन योजनाओं के माध्यम से बेटियों के लिए सुरक्षा से लेकर सामाजिक एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। केंद्र सरकार द्वारा भी वर्ष 2015 में ऐसी ही एक योजना का शुभारंभ किया गया था। जिसका नाम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना (Beti bachao beti padhao Yojana) है। इस योजना के माध्यम से ना केवल बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी बल्कि बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस लेख के माध्यम से आपको Beti bachao beti padhao Yojana का पूरा जानकारी प्राप्त होगा। आप इस लेख को पढ़कर इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा आप इस लेख के माध्यम से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (Beti Bachao Beti Padhao) स्कीम का उद्देश्य, लाभ, विशेषताएं, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज आदि से संबंधित जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।

Beti Bachao Beti Padhao Scheme 2022

इस योजना को हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 22 जनवरी 2015 को आरंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से बालिकाओं के अस्तित्व, सुरक्षा और शिक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा। लिंग अनुपात में सुधार करने का भी इस योजना के माध्यम से प्रयास किया जाएगा। Beti bachao beti padhao Yojana के अंतर्गत भ्रूण हत्या को रोका जाएगा। इसके अलावा बालिकाओं के अस्तित्व और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जाएंगे।

सरकार द्वारा Beti Bachao Beti Padhao Yojana को वर्ष 2014-15 में केवल 100 जिलों में आरंभ किया गया था। वर्ष 2015-16 में इस योजना में 61 और जिले जोड़ दिए गए थे। इस समय यह योजना देश के प्रत्येक जिले में संचालित की जा रही है। इस योजना के माध्यम से बेटियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा एवं उनका भविष्य उज्जवल बनेगा।

Beti Bachao Beti Padhao Yojana का उद्देश्य

Beti Bachao Beti Padhao Scheme का मुख्य उद्देश्य लिंग अनुपात में सुधार करना एवं बेटी के माता-पिता को बेटियों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जाएंगे जिससे कि देश के नागरिको की सोच में बेटियों के प्रति सुधार किया जा सके। यह योजना भ्रूण हत्या रोकने में भी कारगर साबित होगी। इसके अलावा इस योजना के माध्यम से बेटियों का भविष्य भी उज्जवल बनेगा एवं वह शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ेगी। यह योजना बेटी और बेटे के बीच एक समानता स्थापित करने में भी कारगर साबित होगी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना बेटियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी।

Key Highlights Of Beti Bachao Beti Padhao Yojana

योजना का नाम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना
किसने आरंभ की भारत सरकार
लाभार्थी भारत के नागरिक
उद्देश्य लिंगानुपात में सुधार करना
आधिकारिक वेबसाइट यहां क्लिक करें
साल 2022

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लाभ तथा विशेषताएं

  • Beti Bachao Beti Padhao Yojana को हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 22 जनवरी 2015 को आरंभ किया गया है।
  • इस योजना के माध्यम से बालिकाओं के अस्तित्व, सुरक्षा और शिक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा।
  • लिंग अनुपात में सुधार करने का भी इस योजना के माध्यम से प्रयास किया जाएगा।
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत भ्रूण हत्या को रोका जाएगा।
  • इसके अलावा बालिकाओं के अस्तित्व और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा।
  • इस योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जाएंगे।
  • सरकार द्वारा इस योजना को वर्ष 2014-15 में केवल 100 जिलों में आरंभ किया गया था।
  • वर्ष 2015-16 में इस योजना में 61 और जिले जोड़ दिए गए थे।
  • इस समय यह योजना देश के प्रत्येक जिले में संचालित की जा रही है।
  • इस योजना के माध्यम से बेटियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा एवं उनका भविष्य उज्जवल बनेगा।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना टारगेट ग्रुप

  • प्राथमिक – युवा एवं नवविवाहित जोड़े, गर्भवती एवं छोटे बच्चों की माताएं, माता पिता
  • माध्यमिक – युवा, किशोर, चिकित्सक, निजी अस्पताल, नर्सिंग होम एवं डायग्नोस्टिक सेंटर
  • तृतीय – अधिकारी, पंचायती राज संस्थान, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता, महिला स्वयं सहायता समूह/सामूहिक, धार्मिक नेता, स्वयंसेवी संगठन, मीडिया, चिकित्सा संघ, उद्योग संघ, आम जनता

Beti Bachao Beti Padhao Yojana ऑडिट एवं सोशल ऑडिट

  • ऑडिट कंट्रोलर एवं ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया के मानदंडों के अनुसार की जाएगी।
  • चैनल का केंद्र एवं राज्य सरकार के स्तर पर पालन किया जाएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत सोशल ऑडिट भी किया जाएगा।
  • सोशल ऑडिट सिविल सोसाइटी ग्रुप द्वारा किया जाएगा।
  • सोशल ऑडिट जनता एवं भाग लेने वाली संस्थानों से लिए गए फीडबैक के आधार पर किया जाएगा।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का मूल्यांकन

  • इस योजना का मूल्यांकन स्वतंत्र एजेंसी द्वारा नीति आयोग के परामर्श से किया जाएगा।
  • एकरूपता बनाए रखने के लिए भारत सरकार द्वारा सर्वेक्षण/समवर्ती मूल्यांकन तंत्र के प्रमुख और कार्यप्रणाली तैयार की जाएगी।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की रिपोर्टिंग

  • निगरानी एवं मूल्यांकन के लिए सरकार द्वारा ऑनलाइन प्रबंधन सूचना प्रणाली विकसित की गई है।
  • ऑनलाइन एमआईएस आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव है एवं योजना को लागू करने वाले सभी जिलों को जिले के विशिष्ट उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड के साथ इस साइट तक पहुंच प्राप्त होगी।
  • जवाबदेही सुनिश्चित करना और सेवा में सुधार के लिए योजना और अभियान से संबंधित जिला, ब्लाक और ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित सभी गतिविधियों के दस्तावेजी करण करना महत्वपूर्ण है।
  • जिला कार्य योजना के कार्यान्वयन एवं निगरानी के लिए डीसी/डीएम के सामग्र पर्यवेक्षण के तहत प्रत्येक विभाग से एक नोडल अधिकारी को तैयार करने के लिए नामित किया जाएगा।
  • योजना एवं अभियान से संबंधित जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित सभी गतिविधियों के दस्तावेजी करण की नियमित प्रक्रिया जिला स्तर पर नियमित रिपोर्ट, एमआईएस और फोटोग्राफिक लेखन के माध्यम से की जाएगी।
  • जिला स्तर पर पोर्टल पर तिमाही आधार पर स्वयं एवं शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी के समन्वय से नोडल अधिकारी द्वारा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
  • नोडल अधिकारी द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एमआईएस को क्वार्टरली बेसिस पर अपडेट किया जाए।
  • दिलों द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र, SOE और वार्षिक भौतिक रिपोर्ट जमा करनी होगी।

Beti Bachao Beti Padhao Yojana वित्तीय प्रावधान

  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को केंद्र पर आयोजित अंब्रेला योजना के तहत संचालित किया जाएगा। मिशन फॉर प्रोटेक्शन एंड एंपावरमेंट फॉर विमेन के साथ योजना के जिले स्तर के घटक के लिए 100% वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सहायता अनुदान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सीधे चयनित जिले के जिला कलेक्टर को जारी किया जाएगा।
  • जमीनी स्तर पर योजना को लागू करने के लिए जिला अधिकारियों के पास जिला कलेक्टर/ जिला मजिस्ट्रेट द्वारा संचालित एक अलग नामित वीवीपी खाता होगा।
  • योजना के दिशा निर्देश के अनुसार जिला स्तरीय गतिविधियों के लिए संबंधित जिले को प्राप्त प्रस्ताव के अनुसार जिला कलेक्टर/ जिला मजिस्ट्रेट को धनराशि दो किस्तों में जारी की जाएगी।
  • DC/DM द्वारा जिला एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।
  • डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान को डिपार्टमेंट ऑफ वूमेन चाइल्ड डेवलपमेंट/ सोशल वेलफेयर एवं मिनिस्ट्री ऑफ वूमेन चाइल्ड डेवलपमेंट गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के साथ साझा किया जाएगा।
  • राज्य महिला संसाधन की समीक्षा राज्य महिला एवं बाल विकास विभाग/समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाएगा।
  • राज्य कार्य बल द्वारा अर्धवर्षिक किए जाने वाले व्यय एवं निष्पादक की समीक्षा की जाएगी।
  • जिला द्वारा व्यय की वित्तीय प्रगति एवं भौतिक रिपोर्ट दूसरी किस्त जारी होने से पहले जमा करनी अनिवार्य है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का एडमिनिस्ट्रेशन

  • Beti Bachao Beti Padhao Yojana केंद्र क्षेत्र की योजना है।
  • इस योजना को राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है।
  • भारत सरकार द्वारा जिला कलेक्टरों को योजना के कार्यान्वयन के लिए 100% वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय केंद्र से योजना के बजटीय नियंत्रण और प्रशासन के लिए जिम्मेदार होगा।
  • महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव निर्देशक एवं अन्य अधिकारी योजना के समग्र के लिए जिम्मेदार होंगे।
  • जिला स्तर पर डीपीओ योजना के कार्यान्वयन के लिए नोडल अधिकारी होंगे।
  • इस योजना को आईसीडीसी प्लेटफार्म के माध्यम से लागू किया जाएगा।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की निगरानी

  • राष्ट्रीय स्तर पर Beti Bachao Beti Padhao Yojana की निगरानी नेशनल टास्क फोर्स द्वारा की जाएगी। टास्क फोर्स द्वारा राज्य स्तरीय सहयोग प्रदान किया जाएगा। जिससे कि इस योजना का कार्यान्वयन किया जाएगा।
  • राज्य स्तर पर इस योजना की निगरानी स्टेट टास्क फोर्स द्वारा की जाएगी। स्टेट टास्क फोर्स को एडमिनिस्ट्रेटर/यूनियन टेरिटरी एडमिनिस्ट्रेटर के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
  • जिला स्तर पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की निगरानी डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स के माध्यम से की जाएगी। इस टास्क फोर्स को डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर या डिप्टी कमिश्नर द्वारा संचालित किया जाएगा।
  • ब्लॉक लेवल पर इस योजना का कार्यान्वयन ब्लॉक लेवल कमिटी द्वारा किया जाएगा जिसके चेयरपर्सन सब डिविजनल मजिस्ट्रेट/सब डिविजनल ऑफिसर होंगे।

Beti Bachao Beti Padhao Yojana जिलों का चयन

  • पहला चरण: इस योजना के पहले चरण में 100 जिलों का चयन किया गया था। जिनमें 87 जिले उन 23 राज्यों से चयनित किए गए थे जिनमें सीएसआर 918 से नीचे है। 8 जिले उन 8 राज्यों से चयनित किए गए थे जिसमें सीएसआर 918 से ऊपर है परंतु नीचे जा रहा है एवं 5 जिले उन पांच राज्यों से चयनित किए गए थे जहां पर सीएसआर 918 है लेकिन बढ़ रहा है।
  • दूसरा चरण: दूसरे चरण में 11 राज्यों के 61 जिलों का चयन किया गया था। सभी राज्यों में इस योजना के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन को देखते हुए सरकार द्वारा इस योजना का विस्तार संपूर्ण देश में कर दिया गया था।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के कॉम्पोनेंट्स

मीडिया अभियान: इस योजना के माध्यम से लोगों के बीच बेटियों को लेकर जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न प्रकार के मीडिया अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं। यह अभियान टीवी, रेडियो, इंटरनेट, न्यूज़पेपर आदि के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं। जिनके माध्यम से देश के नागरिकों को की बेटियों को लेकर नकारात्मक सोच को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

चुनिंदा जेंडर क्रिटिकल जिलों में बहु छेत्रीय हस्तक्षेप सीएसआर: राज्य टास्क फोर्स के माध्यम से जेंडर क्रिटिकल जिलों में कार्यवाही की जाएगी। इस कार्यवाही के माध्यम से यह निर्णय लिया जाएगा कि इन जिलों का जेंडर क्रिटिकल होने का क्या कारण है। इसके पश्चात इन जिलों को जेंडर क्रिटिकल कैटेगरी से निकालने का प्रयास किया जाएगा। सरकार द्वारा इस कार्य में विभिन्न प्रकार के अभियानों का संचालन किया जाएगा।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत टारगेट

  • जेंडर क्रिटिकल जिलों में लिंग अनुपात में 1 वर्ष में 2 अंक तक सुधार करना।
  • सीएसआर में सुधार और लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समुदायों को संगठित करने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों/जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को समुदाय चैंपियन के रूप में प्रकाशित करना।
  • यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 के कार्यान्वयन के माध्यम से बालिकाओं के लिए सुरक्षात्मक वातावरण को बढ़ावा देना।
  • संयुक्त आईसीडीएस एनएचएम मात्र बाल संरक्षण कार्ड का उपयोग करके आईसीडीएस का सर्वभौमिकरण, लड़कियों की उपस्थिति और समान देखभाल की निगरानी सुनिश्चित करना।
  • 5 वर्ष से कम आयु वाली कम वजन और एनीमिया से पीड़ित बालिकाओं की संख्या को कम करना एवं बालिकाओं के पोषण स्तर में सुधार करना।
  • चयनित जिलों के प्रत्येक स्कूल में बालिकाओं के लिए शौचालय उपलब्ध करवाना।
  • माध्यमिक शिक्षा में बालिकाओं के नामांकन को बढ़ाकर 82% करना।
  • पहली तिमाही एएमसी पंजीकरण में प्रतिवर्ष कम से कम 1% की वृद्धि करना।
  • संस्थागत प्रसव में प्रतिवर्ष कम से कम 1.5% की वृद्धि करना।

Beti Bachao Beti Padhao Yojana की उपलब्धि

  • कुड्डालोर जिले में बाल लिंगानुपात 2015 में 886 से बढ़कर 2016 में 895 हो गया था।
  • उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लड़कियों के लिए ड्रॉपआउट दर 2015 में 1.5% थी जो 2016 में घटकर 1% हो गई।
  • सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 59491 खाते खुले।
  • लगभग 104 जिलों में जन्म के समय बालक बालिका अनुपात में सुधार हुआ है।
  • देश के 119 जिलों में प्रथम तीन माह में प्रसव देखभाल पंजीकरण में प्रगति दर्ज की गई है।
  • 146 जिलों में संस्थागत प्रसव में सुधार हुआ है।
  • शिक्षा के संबंध में एकीकृत जिला सूचना प्रणाली 2015-16 के अनुसार मध्यमिक शिक्षा में बेटियों का नामांकन 76% से बढ़कर 80.97% हुआ है।
  • स्कूल में लड़कियों के लिए शौचालय का निर्माण किया गया है

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर चलाई जा रही फर्जी योजना

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा लॉन्च किया गया है। यह योजना जनता के प्रति बहुत लोकप्रिय है। इस योजना की लोकप्रियता को देखते हुए इस योजना के अंतर्गत नकद प्रोत्साहन के नाम पर फॉर्म वितरित किए जा रहे हैं। आपको बता दें भारत सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत किसी भी प्रकार का नकद हस्तांतरण घटक का प्रावधान नहीं है। इस योजना के माध्यम से केवल देश के नागरिकों की मानसिकता में बेटियों को लेकर सुधार करना है, पीसी और पीएनडीटी अधिनियम को सख्ती से लागू करना है एवं बालिकाओं को शिक्षा को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना है। यदि आपको नकद प्रोत्साहन से संबंधित कोई जानकारी प्राप्त होती है तो आप को इस संबंध में निकटतम पुलिस स्टेशन या संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को सूचित करना होगा।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में आवेदन कैसे करे?

देश के जो इच्छुक लाभार्थी इस Beti Bachao Beti Padhao Yojana के तहत आवेदन करना चाहते है तो वह नीचे दिए गए तरीके को फॉलो करे  और योजना का लाभ उठाये |

  • सर्वप्रथम आवेदक को महिला और बाल विकास मंत्रालय की Official Website पर जाना होगा | Official Website पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा |
  • इस होम पेज पर आपको Women Empowerment Scheme का ऑप्शन दिखाई देगा |इस ऑप्शन पर क्लिक करे |

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना

  • इसके बाद आपके सामने आगे का पेज खुल जायेगा इस पेज पर आपको Beti Bachao Beti Padhao Yojana के विकल्प पर क्लिक करना होगा | फिर आपके सामने कंप्यूटर स्क्रीन पर  नया पेज खुल जायेगा |
  • इसके पश्चात् विस्तार पूर्वक सूचना पढ़े और बताए अनुसार आवेदन करने की प्रक्रिया का पालन करे |

Contact Information

हमने अपने इस लेख के माध्यम से आपको बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर दी है। यदि आप अभी भी किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं तो आप यहां दी गई लिंक पर क्लिक करके संबंधित विभाग से संपर्क करके अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं।


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